Journal Of Classroom Research And School Innovation

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Vidyarthiyon Ke Samagra Vikash me Hindi Bhasha ki Aawsakta: (Review Paper (Review Paper)

Vidyarthiyon Ke Samagra Vikash me Hindi Bhasha ki Aawsakta:  (Review Paper)”

Author: Sunita Kushwaha (प्रधानाचार्य। लेखिका) S. S. Dev Public School, Zamania, Uttar Pradesh, India

Paper ID:JCRSIVOL1003 (VOLUME 1 / ISSUE 1 / JULY2026)

Citation: Kushwaha,Sunita (2026). Vidyarthiyon Ke Samagra Vikash me Hindi Bhasha ki Aawsakta: (Review Paper). Journal of Classroom Research and School Innovation (JCRSI), 1(1), 20–28.

https://jcrsiindia.com/wpcontent/uploads/2026/08/JCRSIVOL1003.pdf

 

सार (Abstract)

भाषा ककसी भी समाज की साांस्कृ किक, बौखिक एवां सामाकजक पहचान का आधार होिी है। भारि जैसेबहुभाषी देश मेंकहन्दी भाषा
का कवशेष स्थान है, क्ोांकक र्ह न के वल व्यापक जनसमूह के बीच सांचार का माध्यम है, बखि कशक्षा, सांस्कृ कि, साकहत्य और राष्ट्रीर्
एकिा की वाहक भी है। राष्ट्रीर् कशक्षा नीकि (NEP, 2020) नेमािृभाषा एवां स्थानीर् भाषाओांमेंकशक्षा प्रदान करनेपर कवशेष बल कदर्ा
है, कजससेकवद्याकथयर्ोांकी अवधारणात्मक समझ, रचनात्मकिा और सीिनेकी क्षमिा का कवकास हो सके । वियमान वैश्वीकरण और
किकजटल र्ुग मेंअांग्रेजी भाषा का महत्व बढा है, परन्तुइससेकहन्दी भाषा की आवश्यकिा कम नही ांहुई है। बखि अनेक शोध र्ह
सांके ि देिेहैंकक मािृभाषा मेंप्रारखिक कशक्षा प्राप्त करनेवालेकवद्याथी कवषर्ोां को अकधक गहराई सेसमझिेहैंिथा उनका
सांज्ञानात्मक कवकास बेहिर होिा है।
र्ह समीक्षा शोध-पत्र कहन्दी भाषा की शैकक्षक, सामाकजक, साांस्कृ किक और मनोवैज्ञाकनक उपर्ोकगिा का कवश्लेषण करिा है। इसमें
2015 से2025 के मध्य प्रकाकशि राष्ट्रीर् एवां अांिरराष्ट्रीर् शोधोां, नीकि दस्तावेजोांिथा शैकक्षक प्रकिवेदनोांके आधार पर कहन्दी भाषा की
आवश्यकिा का आलोचनात्मक अध्यर्न प्रस्तुि ककर्ा गर्ा है। अध्यर्न का उद्देश्य र्ह स्पष्ट् करना हैकक कहन्दी भाषा के वल एक
कवषर् नही ां, बखि कवद्याकथयर्ोांके व्यखित्व कवकास, िाककय क क्षमिा, सांप्रेषण कौशल, साांस्कृ किक चेिना और नैकिक मूल्ोांकेकवकास
का प्रभावी माध्यम है।
समीक्षा सेस्पष्ट् होिा हैकक कजन कवद्याकथयर्ोांको मािृभाषा मेंसीिनेका अवसर कमलिा है, वेजकटल अवधारणाओांको अकधक सरलिा
सेसमझिेहैं, आत्मकवश्वास के साथ अकभव्यखि करिेहैंिथा कशक्षण-अकधगम प्रकिर्ा मेंअकधक सकिर् भागीदारी कनभािेहैं। इसके
अकिररि कहन्दी भाषा भारिीर् साकहत्य, इकिहास, लोकपरम्पराओांऔर साांस्कृ किक कवरासि सेकवद्याकथयर्ोांका जुडाव बनाए रिनेमें
भी महत्त्वपूणयभूकमका कनभािी है। र्द्यकप िकनीकी और व्यावसाकर्क क्षेत्रोांमेंअांग्रेजी का प्रभाव बढा है, िथाकप कहन्दी की उपर्ोकगिा
सामाकजक जीवन, प्रशासन, मीकिर्ा, साकहत्य और कशक्षा मेंकनरां िर बनी हुई है।

मुख्य शब्द (Keywords): कहन्दी भाषा, मािृभाषा, राष्ट्रीर् कशक्षा नीकि 2020, कवद्याथी, भाषा कशक्षा, सांज्ञानात्मक कवकास, साांस्कृ किक
पहचान, कवद्यालर्ी कशक्षा।

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